Skip to main content

if anyone jealous from you ?

यदि कोई व्यक्ति आपकी ईर्ष्या करता है , और यदि आप सही हो ,तो आपको इस विषय में सोचना नहीं चाहिये
क्योंकि यदि आप इस  विषय में सोच रहे हो तो उस व्यक्ति का आपकी ईर्ष्या करने का जो मकसत था, वह पूरा हो जायेगा !
आपको सिर्फ अपना काम करना है  वह automatically खुद जलेगा आपके काम को देख कर
'उसे परेशान करने के लिये आपका अच्छा काम ही काफी है !
वह आपसे परेशान होगा क्यूंकि आप उसके अकॉर्डिंग नहीं हो जैसा वह चाहता  है !
इंसान का दिमाग हमेशा सिर्फ दो कारणों से ही खुश होता है !

  • दूसरे इंसान को निचे गिरा कर या अपने आसपास के लोगो में खुद को important  बता कर !
  • एंड यदि सिचुएशन उसके अकॉर्डिंग चल रही है it means यदि किसी व्यक्ति से आप जो चाहते हो वो मिल जाये तो खुश होते है 

हमें अपने आप में इतना confidant रहना चाहिए की कोई अगर हमें या हमारे बारे में गलत सोचता है तो हमें फ़र्क़ न पड़े क्यूंकि उसके पास काम कुछ है नहीं तो वह यही सब करेगा
आपकी तरक्की ही उनकी सबसे बड़ी सजा है !

आप अपने गोआल से न भटकते हुए अपने काम पर ध्यान दे
अपने कभी नोटिस नहीं किया होगा लेकिन हमें बुरा इसलिए ज्यादा लगता है ,क्यूंकि आप ही के आसपास के      4-5  लोग मिलकर आपकी बुराई करते है क्यूंकि करने को कुछ है ही नहीं!
don't think about people ,who don't like you bcoz they can't do , which you can  ani..... 

Comments

Popular posts from this blog

comparing yourself with others or not ?: दुसरो से खुद की तुलना करे या नहीं ? जब हम अपने आप की तुलना किसी ऐसे व्यक्ति से करते है , जो हमारे हिसाब से हमसे अच्छा होता है , तब हमारे दिमाग में एक जलन या आग तो महसूस होती है ,लेकिन वह अच्छी भी हो सकती है , अगर हम चाहे तो , क्यूंकि वो आग एक एनर्जी देती है , जो हमें काम करने के लिए  विवस करती है , या यूँ कहा जाये की एनर्जी कही से भी आये बस काम होना चाहिए , "कम्पेरिजन ज़िन्दगी में दुःख देता , जब आपके हालत ऐसे होते है की आप कुछ कर नहीं सकते बहुत कुछ चाहते हुए भी, लेकिन ऊर्जा का नियम तो याद ही होगा ,एनर्जी को ख़त्म नहीं कर सकते है , उसे उपयोग कर सकते है ,! यहाँ 2 बातें बनती है - आप उस इंसान से प्रेरणा ले सकते हो या फिर  नेगेटिविटी निकाल के खुद वही ठहर सकते हो , आपकी लाइफ है फैसला आपके हाथ है.क्या करना है |  वैसे भी जब कोई अपना कुछ ऐसा करता है जिसकी आपको उम्मीद नहीं होती तब तो , एनर्जी और बढ़ जाती है  let's start your new chapter thanks for reading 

how , your emotions control you •

भावनाओ का निर्माण , केवल दिमाग करता है , जैसे कोई पोधा बड़ा होता है उसी तरह भावनाए या इमोशन बढ़ते है , इनके बड़ने पर इंसान खुद को इनसे अलग करने के लिए काफी तकलीफ झेलता है , जबकि केवल ये सारी बाते उसके खुद के है द्वारा गढ़ी हुई है ,उसने ही इन भावनाओ का निर्माण किया है , और अब दर्द भी खुद ही झेल रहा है , दुनिया कुछ ऐसी ही है या यूं कहे की इंसान कुछ ऐसे ही होते है , हमारा मन या दिमाग केवल उन्हीं चीजों पर लगता है जो हमें आसानी से मिल सकती है लेकिन मिल नहीं पा रही है । हम लोगो से ये अपेक्षा रखते है कि वो हमारे हिसाब से चले , वो ऐसी चीजे करे जिसमें हमें खुशी मिले , जबकि दूसरा व्यक्ति भी यही उम्मीद हमेशा रखता है , और वही चीज हम उसके लिए नहीं कर रहे होते है , जैसा वह चाहता है । क्यूंकि हम खुद से जुड़े हुए है , और हमारी हर एक कोशिश केवल खुद के भले के लिए ही होती है। जबकि हम ये भूल ही जाते है कि , वह इंसान भी खुद से जुड़ा है , वह भी अपने बारे में अच्छा सोचेगा खुद का भला करेगा । भावनाए केवल मात्र एक याददाश्त है , कुछ यादें जो किसी चीज से या इंसान से जुड़ी हुई है , जैसे ही कोई ऐसी बात या समय दिमाग...